युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, कप्तान बनने की ख्वाहिशों के बीच आ गए एमएस धोनी

युवराज सिंह का बड़ा खुलासा, कप्तान बनने की ख्वाहिशों के बीच आ गए एमएस धोनी

जरा याद कीजिए साल 2007. साउथ अफ्रीका में हुआ T20 का पहला वर्ल्ड कप. फाइनल में पाकिस्तान (Pakistan)टक्कर और उस पर बेमिसाल फतह. कैसे जब टीम इंडिया एमएस धोनी (MS Dhoni) की कमान में फतह हासिल कर लौटी थी, तो मुंबई की सड़कों पर जुलूस उमड़ पड़ा था. भारत के पहले T20 चैंपियन से जुड़ी ये तमाम यादें आज भी हर क्रिकेट फैंस के जहन में ताजा है. लेकिन, यही वो टूर्नामेंट भी है, जिसे लेकर उस टूर्नामेंट में खेलने वाले भारत के स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को एक मलाल भी है.

युवराज सिंह ने अपने उस मलाल का खुलासा अब जाकर किया है. यानी पूरे 14 साल बाद उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी है. भारत के सिक्सर किंग ने अपना दिल ए हाल 22 यार्न्स पॉडकास्ट में बताया. उन्होंने कहा कि उनका ये मलाल टीम की कप्तानी से जुड़ा है, जो पूरा नहीं हो सका क्योंकि उनकी कप्तानी की ख्वाहिशों के बीच एमएस धोनी आ गए.

मुझे अपनी उम्मीद थी, पर धोनी बना दिए गए कप्तान- युवी

22 यार्न्स पॉडकास्ट में युवराज सिंह ने कहा कि “T20 वर्ल्ड कप से सीनियर प्लेयर आराम चाहते थे. वो इस टूर्नामेंट को सीरियसली नहीं ले रहे थे. ऐसे में मैं उम्मीद कर रहा था कि T20 वर्ल्ड कप की कप्तानी मुझे सौंपी जाएगी. लेकिन फिर बतौर कप्तान एमएस धोनी के नाम की घोषणा कर दी गई.”

हैरानी भरे फैसले से भी नहीं बिगड़े रिश्ते

युवराज के लिए एमएस धोनी को कप्तान बनाए जाने का फैसला हैरानी वाला जरूर था, लेकिन इससे उनके और धोनी के रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं घुली. युवराज ने एक टीम मैन की तरह धोनी को सपोर्ट किया. 39 साल के पूर्व भारतीय ऑलराउंडर ने कहा कि T20 फॉर्मेट उस वक्त बिल्कुल नया था, लिहाजा उस टूर्नामेंट को लेकर न तो हमारे पास कोई प्लान था और न ही स्ट्रेटजी. हम बस अपनी समझ से खेले और इस फॉर्मेट के पहले चैंपियन बनकर उभरे.

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